'कौन बनेगा करोडपति' का हिस्सा बनना चाहते हैं तो पढ़ें ये खबर

'कौन बनेगा करोडपति' का हिस्सा बनना चाहते हैं तो पढ़ें ये खबर

टीम डिजिटल। महानायक अमिताभ बच्चन का शो 'कौन बनेगा करोड़पति' सोनी टेलीविजन पर शुरू हो चुका है। इस बार शो का यह 9वां सीजन है। अमिताभ बच्चन के इस शो के लिए लोगों की दीवानगी सिर चढ़कर बोल रही है। सबसे पहले साल 2000 में इस शो की शुरूआत हुई थी तब जीत की राशी 1 करोड रूपये थी। फिर चार साल के इंतजार के बाद शो साल 2005 में लौट कर आया तब जीत की राशी दुगनी कर दी गई थी 2 करोड रूपये। शो 'कौन बनेगा करोड़पति' का तीसरा सीजन शाहरुख खान ने साल 2007 में होस्ट किया था। लेकिन शो की रेटिंग गिर जाने की वजह से इसका चौथा सीजन फिर अमिताभ बच्चन ने साल 2010 में होस्ट किया। इस बार जीत की राशी 5 करोड रूपये रखी गई। इसी तरह साल 2013 और 2014 को भी महानायक अमिताभ ने होस्ट कर विजेता को 7 करोड की राशी दिलाई। अब इस साल एक नए जोश और उमंग के साथ अमिताभ बच्चन ने शो “कौन बनेगा करोड़पति” का आगाज किया है। अब तक इस शो के 4 एपिसोड्स प्रसारित किए जा चुके हैं। शो के पहले यानी 31 अगस्त के एपिसोड में खुद बिग-बी ने यह बताया कि कैसे कोई भी इंसान शो का हिस्सा बन सकता है और इसके लिए क्या करना होता है। जानिए आखिर अमिताभ बच्चन ने शो में आने के लिए क्या उपाय बताए। 1. शो में चुने जाने के लिए सबसे पहला कदम है रजिस्ट्रेशन, जो कि ऑनलाइन या मोबाइल फोन के माध्यम से किया जाता है। सही जवाब भेजने वालों में से कंप्यूटर रैंडमली कुछ लोगों का चुनाव करके शो के मेकर्स को देता है। 2. मेकर्स इन कंटेस्टेंट्स से फोन पर कुछ और सवाल पूछते हैं। इसके बाद इसमें से क्वालीफाई करने वाले कंटेस्टेंट्स को नेक्सट लेवल यानि ऑडीशन के लिए अलग-अलग शहरों में बुलाया जाता है। 3. इस ऑडीशन में इन कंटेस्टेंट्स से जनरल नॉलेज पर बेस्ड एक टेस्ट लिया जाता है और फिर एक पर्सनल इंटरव्यू होता है। 4. इस इंटरव्यू को भी जो लोग क्वालीफाई कर जाते हैं उन्हें मुंबई में मौजूद एक इंडिपेंडेंट पैनल उनके इंटेलिजेंस लेवल के आधार पर आंकता है। 5. इसके बाद बचे हुए कंटेस्टेंट्स को शो में खेलने का मौका मिलता है। 6. यह पूरी प्रक्रिया को एक इंटरनेशनल नियमों के तहत और एक इंटरनेशनल ऑडिट कंपनी की निगरानी में किया जाता है। 7. इस तरह करोड़ो की तादात में से सिर्फ उन्हीं प्रतियोगियों को शो में आने का मौका मिलता है जो इन सभी कसौटियों पर खरे उतरते हैं।